द्रोपदी मुर्मू का जीवन परिचय हिंदी में ! द्रोपदी मुर्मू का जन्म कब हुआ था औरकहा हुआ था? Draupadi Murmu Story in Hindi।
द्रोपदी मुर्मू का जीवन परिचय हिंदी में ! द्रोपदी मुर्मू का जन्म कब हुआ था,और कहा हुआ था? Draupadi Murmu Story in Hindi।
द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय ( जीवनी, जाति, उम्र, पति, सैलरी, बेटी - बेटा, आरएसएस, शिक्षाराष्ट्रपति जन्म तारीख़, परिवार, पेशा, धर्म, पार्टी, करियर, राजनीति अवार्डस, इंटरव्यू ) Draupadi Murmu biography in hindi ( caste, age, husband, income, daughter, rss, president, sons, qualification, date of birth, family, profession, politician party, religion, education, career, politics career, awards, interview, speech )
झारखंड की पहली महिला राज्यपाल है Draupadi Murmu इन्हीं के बारे में आज हम जानेंगे!
दोस्तों आदिवासी समुदाय से संबंध रखने वाली और उड़ीसा राज्य में पैदा हुई द्रौपदी मुर्मू को हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा भारत के अगले राष्ट्रपति के पद के उम्मीदवार के तौर पर सेलेक्ट किया गया है, और यही वजह है कि इंटरनेट पर आज कल द्रोपती मुर्मू के बारे में जानना चाहते हैं लोग, तो आज की इस आर्टिकल की मदद से हम जानेंगे इनके बारे में,इस आर्टिकल में हम आपके साथ द्रौपदीमुर्मू की जीवनी शेयर कर रहे है।
इनका पूरा नाम है - द्रौपदी मुर्मू
पिताजी का नाम हैं - बिराँची नारायण टुडू
पेशा - राजनीतिज्ञ
पार्टी - भारतीय जनता पार्टी ( BJP )
पति - श्याम चरण मुर्मू
जन्म तिथी - 20 जून 1958
आयु - 64 वर्ष
जन्म स्थान - मयूर भंज, उड़ीसा, भारत
वज़न - 74किलो
लंबाई - 5 फ़िट 4 इंच
जाती - अनुसूचित जनजाति
धर्म - हिंदू
बेटी - इतिश्री मुर्मू
भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी - 1997
द्रोपदी मुर्मू का प्रारंभिक जीवन
इसे समझे अच्छे से हाल ही में NDA के द्वारा द्रोपती मुर्मू को भारत के राष्ट्रपति के उम्मीदवार के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। द्रोपदी मुर्मू का जन्म साल 1958 में एक आदिवासी परिवार में भारत देश के उड़ीसा राज्य की मयूरमंज इलाक़े में 20 जून को हुआ था!
और भी जानिए इनके बारे में, इस प्रकार से यह एक आदिवासी समुदाय से ताल्लुक़ रखने वाली महिला है, और NDA के द्वारा इन्हें भारत के अगले राष्ट्रपति के उम्मीदवार के तौर पर प्रस्तुत किया गया है, और यही वजह है कि आज कल इंटरनेट पर द्रौपदी मुर्मू की काफ़ी चर्चा हो रही है और लोग इनके बारे में जानना चाह रहे हैं।
द्रौपदी मुर्मू की शिक्षा
ये बात आपको जानकर बहुत ही ख़ुशी होगी कि जब इन्हें थोड़ी समझ प्राप्त हुई, तभी उनके माता - पिताके द्वारा इनका एडमिशन इनके इलाक़े के ही एक विद्यालय में करवा दिया गया । जहाँ पर इन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई को पूरा किया इसके पश्चात ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के लिए यहाँ भुवनेश्वर शहरचली गयी, भुवनेश्वर शहर में जाने के पश्चात इन्होंने रामादेवी महिला कॉलेज में एडमिशन प्राप्त किया और रामा देवी महिला कॉलेज से ही इन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई कम्पलीट की, बहुत सारे लोग इनके पढ़ाई के बारे में भी जानना चाहते हैं।जो कि आपको समझ में आ गया होगा आज की इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद।
ग्रेजुएशन की एजुकेशन पूरी करने के पश्चात ओडिशा गवर्मेंट में बिजली डिपार्टमेंट में जूनियर असिस्टेंटके तौर पर इन्हें नौकरी प्राप्त हुई। इन्होंने यह नौकरी साल 1979 से लेकर के साल 1983 तक पूरी की। इसके बाद इन्होंने साल 1994 में रायरंगपुर में मौजूदा अरबिंदो इंटीग्राल एजुकेशन सेंटर में टीचरके तौर पर काम करना चालू किया और यह काम इन्हें 1997 तक किया।
द्रौपदी मुर्मू का परिवार
इनके परिवार के बारे में बात करें तो इनके पिताजी का नाम भी राँची नारायण टुड़ू है और द्रोपती मुरमूसंताल आदिवासी फ़ैमिली से संबंध रखती है। झारखंड राज्य के बनने के पश्चात पाँच साल काकार्यकाल पूरा करने वाली द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राज्यपाल है इनके पति का नाम श्याम चरण मुर्मू है।
द्रौपदी मुर्मू का राजनीतिक जीवन
उड़ीसा गवर्मेंट में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर द्रौपदी मुर्मू को साल 2000 से लेकर के साल 2004 तक ट्रांसपोर्ट और वाणिज्य डिपार्टमेंट संभालने का मौक़ा मिला।
इन्होंने साल 2002 से लेकर के साल 2004 तक ओडिशा गवर्मेंट के राज्य मंत्री के तौर पर पशुपालनऔर मत्स्य पालन डिपार्टमेंट को भी संभाला है।
साल 2002 से लेकर के साल 2009 तक यह भरतिये जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा केराष्ट्रीय कार्यकारिणी के मेंबर भी रहीं हैं।
भारतीय जनता पार्टी के ST मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के पादुकोण इन्होंने साल 2006 से लेकर के साल2009 तक संभाला।
ST मोर्चा के साथ ही साथ भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के मेंबर के पद पर यह साल2013 से लेकर के साल 2015 तक रही
Jharkhand के राज्यपाल के पद को उन्होंने साल 2015 में प्राप्त किया और यह इस पद पर साल2021 तक विराजमान रही।
1997 में चुनी गई थी जिला पार्षद
साल 1997 का वह समय था, जब उड़ीसा के रायरंगपुर ज़िले से बाली बार इन्हें जिला पार्षद चुना गयासाथ ही यह रयरंगपुर की उपाध्यक्ष भी बनी! इसके अलावा इन्हें साल 2002 से लेकर के साल 2009 तक मायूरभंज़ ज़िला भाजपा का अध्यक्ष बनने का मौक़ा भी मिला। साल 2004 में यह रयरंगपुरविधानसभा से विधायक बनने में भी क़ामयाब हुए हैं, और आगे बढ़ते बढ़ते साल 2015 में इन्हें झारखंडजैसे आदिवासी बहुल राज्य के राज्यपाल के पद को संभालने का भी मौक़ा मिला!
द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित होने
दोस्त आपको बता दूँ कि अभी तक बहुत से लोग इनके बारे में नहीं जानते है,पर अब लोग इनके बारे मेंजानना चाहते हैं,लोग इंटरनेट पर यह सर्च कर रहे हैं कि द्रौपदी मुर्मू कौन है? तो बताते हैं कि द्रोपदी हीमुर्मू झारखंड के राज्यपाल रह चुकी है, इसके अलावा यह एक आदिवासी महिला है। इन्हें NDA के द्वाराहाल ही में भारत के अगले राष्ट्रपति के लिए उम्मीदवार के तौर पर घोषित किया गया है!
द्रौपदी मुर्मू भारत की राष्ट्रपति बनने में क़ामयाब हो चुकी है। और ये पहेली ऐसी आदिवासी महिला हैं, जो भारत देश के राष्ट्रपति बन चुकी है, साथ ही यह दूसरी ऐसी महिला हैं। जो भारत देश के राष्ट्रपति केपद को संभालेगी इसके पहले भारत देश के राष्ट्रपति के पद पर महिला के तौर पर प्रतिभा पाटिलविराजमान हो चुकी है! इन सब चीज़ों के बारे में आपको पता होना चाहिए।
द्रौपदी मुर्मू को प्राप्त पुरस्कार
द्रौपदी मुर्मू को नीलकण्ठ पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए साल 2007 में प्राप्त हुआ था यहपुरस्कार इन्हें उड़ीसा विधानसभा के द्वारा किया गया था!
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